जीएसटी कम करने से जनता को राहत मिलेगी तो पहले क्या थी लूट ? जनता इसका जवाब जानना चाहती है ?
धमतरी/जीएसटी दर पर कमी कर भाजपा सरकार द्वारा जनता को राहत देने की बाते कही जाने लगी है जिस पर धमतरी नगर निगम के कांग्रेस के पूर्व पार्षद सोमेश मेश्राम ने कहा है कि 9 साल से गरीब, मध्यम वर्ग व्यापारियों की कमर तोड़नी वाली सरकार जिसने दूध ,दही,पनीर,अगरबत्ती ,कपूर,कफ़न ,धार्मिक पूजन जैसे वस्तुओ में भी जीएसटी लगाई है वही भाजपा सरकार अब जीएसटी स्लैब(दर) कम होने की फयादे गिना रहा है । पहले 28% जीएसटी थी तब भी हम विकसित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर थे अब 5% जीएसटी होने पर भी हम विकसित अर्थ व्यवस्था होंगे ? ऐसा कहने वाले अर्थ शास्त्री तो भाजपा में ही हो सके है ? प्रदेश स्तर ,जिला स्तर, निगम कार्यालय तक कार्यशाला लगाकर इसके फायदे गिनाने का झूठा प्रचार कराया जा रहा है देश में आगामी समय में बिहार, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में चुनाव होना है इसलिए लोक लुभावने छूट कर जनता को ढगने का कार्य केंद्र की मोदी की सरकार द्वारा किया जा रहा है ।
देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स का नाम दिया है और कहा था 18% से ज्यादा जीएसटी लगाना गरीब ,मध्यम वर्गीय परिवारों, व्यापारियों के पेट में लात मारने के बराबर है आज केंद्र की मोदी सरकार राहुल गांधी के आंधी के सामने झुकती नजर आने लगी है । देश की जनता जानना चाहती है कि जीएसटी कम करने से जनता को राहत मिलेगी तो पहले क्या थी लूट ?
