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धमतरी

बिना अनुमति लगे रक्तदान शिविरों पर लगे रोक – वरदान समिति ने स्वास्थ्य विभाग को सौंपा ज्ञापन

धमतरी/ जिले में बाहरी संगठनों द्वारा बिनाअ नुमति के रक्तदान शिविर आयोजित किए जाने का मामला गंभीर रूप से सामने आया है। वरदान परमार्थ सेवा समिति, धमतरी ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया है। समिति ने मांग की है कि जिले में किसी भी बाहरी संस्था को इस तरह के अवैध शिविर लगाने से रोका जाए।

समिति ने पत्र में उल्लेख किया है कि कई बार बाहरी जिलों की टीमें धमतरी में पहुंचकर लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर रक्तदान शिविर लगाती हैं और इकट्ठा किया गया रक्त बाहर ले जाती हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान स्थानीय मरीजों को उठाना पड़ता है। जब जिले के अस्पतालों और ब्लड बैंकों में रक्त की आवश्यकता होती है, तो मरीजों को भटकना पड़ता है।

समिति के सदस्य शिवा प्रधान का कहना है कि पिछले कई वर्षों से लगातार बाहरी लोगों द्वारा शिविर का आयोजन बिना अनुमति के किया जा रहा जो न केवल असंवैधानिक है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अनुचित है। रक्तदान का उद्देश्य स्थानीय मरीजों को जीवनदान देना होना चाहिए, न कि रक्त को बाहर भेजकर धमतरी के जरूरतमंदों को संकट में डालना।

वरदान समिति ने यह भी मांग की है कि जिले में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर केवल सरकारी अस्पतालों, ब्लड बैंक अथवा जिले की मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से ही आयोजित किए जाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यहां इकट्ठा किया गया रक्त यहीं के मरीजों को मिले और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

पत्र में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति लगाए जा रहे शिविरों पर तत्काल रोक लगाई जाए और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी रखी जाए। समिति ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा जताई है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और स्थानीय जनता को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

👉 यह मुद्दा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। अब देखना होगा कि प्रशासन बाहरी जिलों के इन अनियमित रक्तदान शिविरों पर कैसी कार्रवाई करता है।

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