धमतरी/छेरछेरा पर्व पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बच्चों को धान और अन्य सामग्री दान कर परंपरा निभाई, जो कि इस छत्तीसगढ़ी लोकपर्व का हिस्सा है, जहाँ लोग अन्न, धन और साग-भाजी का दान करते हैं तारिणी चंद्राकर ने कहा की किसान अपनी मेहनत से उपजाई गई फसल का एक हिस्सा श्रद्धापूर्वक दान करते हैं। यह अन्नदान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में समानता, सहयोग और मानवीय संवेदना का प्रतीक माना जाता है। छेरछेरा पर्व यह संदेश देता है कि प्रकृति और परिश्रम से मिली समृद्धि को समाज के साथ साझा करना ही सच्चा धर्म है। धमतरी जिले में यह पर्व आज भी पूरी परंपरा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। गांवों में लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक सहभागिता इस पर्व को और भी खास बनाती है। छेरछेरा न केवल अन्नदान का पर्व है, बल्कि यह समाज में एकता, भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला उत्सव भी है।
Pradeep Kumar Agrawal
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