कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कार्यवाही की मांग
धमतरी/ ट्रैक्टर यूनियन संघ धमतरी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और एनजीटी के नियमों के नाम पर हो रही कार्रवाई तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के दोहरे रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। यूनियन ने आरोप लगाया कि पिछले 30 दिनों से लगातार ट्रैक्टरों को पकड़कर धारा लगाई जा रही है और भारी-भरकम जुर्माना ठोका जा रहा है। वाहनों को छोड़ा नहीं जा रहा, जिसके कारण ट्रैक्टर मालिकों और मजदूर ड्राइवरों का जीवन-यापन संकट में पड़ गया है।

यूनियन ने कहा कि यदि वास्तव में नदियों से रेत परिवहन प्रतिबंधित है तो इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों और समितियों पर भी तय की जानी चाहिए और घाटों को पूरी तरह बंद कराया जाना चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर ग्रामीणों और उनके गुर्गों द्वारा खुलेआम 300 रुपये प्रति ट्रिप अवैध वसूली की जा रही है, जिसका सीधा शिकार ट्रैक्टर मालिक और चालक हो रहे हैं। जिले के रेत भंडारण स्थलों पर तय क्षमता से कई गुना अधिक खनन हो रहा है, जबकि ट्रैक्टर चालकों को शासकीय दर पर रेत उपलब्ध कराने की जगह परेशान किया जा रहा है।


ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि रेत माफियाओं और कथित नेताओं के दबाव में प्रशासन कुछ वाहनों को जब्त करता है, जबकि कई वाहनों से अवैध वसूली कर उन्हें छोड़ दिया जाता है। खनिज विभाग सिर्फ रेत ढोने वाले ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करता है, जबकि अन्य खनिज ढोने वाले वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं होती। हाईवा वाहनों पर भी केवल दिखावटी कार्रवाई की जा रही है।
यूनियन ने विशेष रूप से ग्राम अमेठी, अछोटा और खरेंगा के रेत घाटों का जिक्र करते हुए कहा कि यहाँ खुलेआम अवैध वसूली हो रही है और जब ट्रैक्टर मालिक विरोध करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है बल्कि छोटे-छोटे ट्रैक्टर चालकों और मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी सीधा असर डाल रही है। यूनियन ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

कलेक्टर का पक्ष
इस पूरे मामले पर कलेक्टर का कहना है कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं और एनजीटी का आदेश लागू है। बिना पीट पास के चलने वाले वाहनों पर ही कार्रवाई की गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि माइनिंग विभाग और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से नियमों के अनुरूप कार्रवाई की गई है। नियम विरुद्ध पाए गए वाहनों पर जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई की गई है।




