धमतरी/इस साल का महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। आस्था और परंपरा से जुड़ी यह खगोलीय घटना लोगों की दिनचर्या और धार्मिक कार्यों पर गहरा प्रभाव डालेगी। श्री सिद्ध विनायक गणेश मंदिर धमतरी के पुजारी पंडित होमन प्रसाद शास्त्री ने इंडियन जागरण से चर्चा करते हुए बताया कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा।
👉 सूतक आरंभ: 7 सितंबर दोपहर 12:57 बजे
👉ग्रहण स्पर्श: रात 9:57 बजे 👉ग्रहण मोक्ष: 8 सितंबर तड़के लगभग 1:27 बजे

पंडित शास्त्री ने बताया कि ग्रहण के दौरान स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। धर्मानुरागी महानदी के तट पर जाकर स्पर्श, मध्य और अंत में स्नान कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
सूतक काल में बरतें सावधानी
धर्म शास्त्रों में सूतक काल को बेहद संवेदनशील माना गया है। इस अवधि में-
- भोजन निषिद्ध है, केवल रोगी और छोटे बच्चों को छूट रहती है।
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतते हुए घर के भीतर रहना चाहिए।
- ग्रहण की छाया से बचते हुए भगवान का स्मरण करना चाहिए।
- जप-तप, पाठ और दान-पुण्य को अत्यंत फलदायी माना गया है।
राशि अनुसार असर
ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक राशि पर ग्रहण का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। कुछ राशियों को लाभ मिलेगा तो कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। विद्वानों का मत है कि यदि श्रद्धालु नियमपूर्वक व्रत, स्नान और दान करते हैं तो उन्हें शुभ फल की प्राप्ति निश्चित होती है।
स्नान और गंगाजल का महत्व
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर शरीर को शुद्ध करना चाहिए। घर में गंगाजल छिड़कने से वातावरण पवित्र होता है। इसके बाद ही भोजन करना उचित माना गया है।

धमतरी खाटू श्याम मंदिर का दरबार रहेगा बंद
धमतरी स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में भी ग्रहण काल के दौरान विशेष नियमों का पालन किया जाएगा। मंदिर के पुजारी आचार्य विकास मिश्रा और आचार्य अभिषेक कृष्ण शास्त्री (प्रयागधाम) ने जानकारी दी कि ग्रहण को देखते हुए मंदिर 6 सितंबर रात 9:20 बजे से पट बंद हो जाएगा। दर्शनार्थियों के लिए द्वार 8 सितंबर शाम 5 बजे पुनः खोले जाएंगे।
पुजारियों ने श्याम प्रेमियों से अपील की है कि इस दौरान वे अपने घरों पर नियमों का पालन करें और भगवान श्याम का ध्यान करें।
