धमतरी/विजयादशमी पर धमतरी मराठा समाज ने हर वर्ष की भांति इस बार भी शौर्य जुलूस का भव्य आयोजन किया। तुलजा भवानी मंदिर से प्रारंभ होकर विंध्यवासिनी मंदिर तक निकला यह जुलूस न केवल समाज की धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि उसकी वीर परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन भी बना।

पारंपरिक पोशाकों , ढोल-ताशों की गूंज और भगवा पताकाओं की लहराहट पूरे माहौल को रोमांचित कर रही थी। जुलूस में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की सक्रिय भागीदारी ने समाज की एकता और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना को और प्रबल किया।

विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में पहुंचने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। गौरतलब है कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में शौर्य, अनुशासन और अपनी जड़ों से जुड़ाव की भावना विकसित करना है। विजयादशमी असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देती है और इसी प्रेरणा को जीवित रखने के लिए यह शौर्य जुलूस परंपरागत रूप से आयोजित होता आ रहा है।
यह जुलूस मराठा समाज की वीरता, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ता है।



