धमतरी/ विजयादशमी पर धमतरी का दशहरा इस बार ऐतिहासिक बन गया। दशहरा मैदान में खड़ा किया गया 40 फीट ऊंचा रावण जैसे ही भगवान श्रीराम के बाण से नाभि चक्र पर वार हुआ, वैसे ही रावण के मुंह से आग निकलने लगी और देखते ही देखते पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
इस अद्भुत दृश्य को देखने हजारों की संख्या में शहरवासी मैदान में जुटे। रावण का पुतला दिव्यांग प्रहलाद कुंभकार ने तैयार किया था, जिन्होंने अदम्य हौसले से समय से पहले पुतले के अलग-अलग हिस्सों को आकार दिया और भव्य रूप से मैदान में खड़ा किया।

आतिशबाजी ने लुभाया मन
रावण दहन के तुरंत बाद आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। पांच सितारा चक्कर, बिन बादल बरसात, नवरंग चक्कर, सूरजमुखी, गोल्डन सेहरा और नीली बरसात जैसी आतिशबाजियों ने दशहरा की रात को यादगार बना दिया।

रामलीला मंडली का शानदार मंचन
दो साल बाद अछोटा की भूले-बिसरे रामलीला मंडली ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसे देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंचन के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंजता रहा।
नगर निगम की तैयारी रही सराहनीय
महापौर रामू रोहरा के नेतृत्व एवं आयुक्त उपायुक्त के दिशा निर्देश में अधिकारी एवं कर्मचारी ने मैदान की सफाई, साउंड सिस्टम, लाइटिंग और सुरक्षा इंतज़ाम बेहतर रखा।
धमतरी का दशहरा इस बार सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि यादगार अनुभव बन गया, जिसे लंबे समय तक शहरवासी भुला नहीं पाएंगे।




