धमतरी/ धमतरी की सबसे बड़ी लैब के संचालक के घर कल सुबह हुई संदिग्ध छापेमारी ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि यह कार्रवाई इनकम टैक्स विभाग या ईडी की ओर से बताई गई, हकीकत कुछ और….लेकिन मौके पर जो घटा उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। घर में आए लोग बिना कोई सरकारी दस्तावेज़ दिखाकर करीब 50 मिनट की तलाश कर वापस लौट गए।
जानकारी के अनुसार, छापेमारी करने आए कुल 7 लोग सुबह लगभग 11:30 बजे संचालक के घर पहुंचे। उन्होंने घर के भीतर प्रवेश किया, कुछ फाइलें और रिकॉर्ड्स खंगाले, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वे अपने साथ कुछ भी जब्त कर नहीं ले गए। करीब 12 बजकर 19 मिनट पर वे बिना किसी स्पष्ट कारण बताए घर से निकल भी गए। और 2 घंटे मोबाइल इस्तमाल न करने की हिदायत दी…..इधर जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी जनप्रतिनिधि संचालक के घर भी पहुंचे…..
घटना के बाद संचालक सहित पूरे इलाके में चर्चा तेज़ है कि यह छापा असली था या फर्जी? इसी शक के आधार पर पुलिस अब घर और आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि छापेमारी करने आए लोग कौन थे और किस विभाग से वास्तव में जुड़े थे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह इनकम टैक्स या ईडी की टीम थी, तो विभाग को इसकी आधिकारिक जानकारी क्यों नहीं है? विभागीय सूत्रों ने यह भी संकेत दिए हैं कि किसी भी तरह की पूर्व सूचना या टीम मूवमेंट का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इससे अंदेशा गहराता जा रहा है कि यह अज्ञात टीम किसी बड़े वारदात की तैयारी कर रही थी या फिर किसी अन्य उद्देश्य से घर में प्रवेश किया गया। संबंधित परिवार अब सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है।
फिलहाल पुलिस CCTV और आसपास के सुरागों के आधार पर जांच में जुटी है। तब तक यह मामला रहस्य बना रहेगा। प्रशासन की चुप्पी और सूचना की कमी इसे और भी संदिग्ध बना रही है।
