धमतरी/धमतरी शहर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और गौ तस्करी की घटनाओं को देखते हुए शहर के नौजवानों ने एक सराहनीय कदम उठाया है। गौमाता की सुरक्षा, सेवा और संरक्षण के उद्देश्य से ‘गौ सेवा समिति धमतरी’ का गठन किया गया है, जो दिन-रात 24×7 ग्राउंड लेवल पर कार्य कर रही है। यह टीम निस्वार्थ भाव से अपना घर-परिवार छोड़कर सड़कों, गलियों और आसपास के क्षेत्रों में भटकती एवं घायल गौमाता की देखभाल में जुटी हुई है।

समिति का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी गौमाता सड़क पर असहाय न रहे, उन्हें सुरक्षित स्थान, भोजन, उपचार और आश्रय मिल सके। युवाओं का मानना है कि गौमाता केवल पशु नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का आधार हैं। हिंदू शास्त्रों में भी गौमाता का विशेष महत्व बताया गया है। गोबर और गौमूत्र को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है तथा हर पूजा-पाठ में इनका उपयोग होता है। ऐसे में गौ संरक्षण हमारी नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी भी है।
इस सेवा कार्य में नीरज महाराज, सुभाष चंद्राकर, ललित साहू, विजयंत राव,पिंटू बाजपाई, टेमचंद साहू,आर्यन, शिवांश, देवेंद्र, शुभांत, मुक्कू, प्रिंस और आयुष जैसे नौजवान पूरी लगन और समर्पण के साथ जुड़े हुए हैं। ये सभी सुबह-शाम जानकारी मिलते ही घायल या बीमार गौमाता को तत्काल उपचार करते है और स्थिति अनुसार गौशाला डांगीमाचा में सुरक्षित पहुंचाते हैं, जहां उनकी देखभाल और सेवा की जाती है।

युवाओं की यह पहल शहर के लिए प्रेरणादायक बन गई है। बिना किसी स्वार्थ के समाज और धर्म के लिए किया जा रहा यह कार्य मानवता की सच्ची मिसाल पेश करता है। समिति के सदस्यो ने शहरवासियों से भी अपील की है कि जो भी गौसेवा करना चाहते हैं, वे आगे आएं और दान, सहयोग या सेवा के माध्यम से इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें।
निस्वार्थ सेवा का यह जज्बा बता रहा है कि जब युवा ठान लें, तो बदलाव निश्चित है। धमतरी के ये नौजवान सच में गौमाता के सच्चे रक्षक बनकर उभरे हैं।
