छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्ण कुमार मरकाम ने कहा कि राज्य में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रारंभ होने के बावजूद किसानों को अब तक समय पर टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश के किसान परेशान और भटकने को मजबूर हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से बीजेपी की डबल इंजन सरकार की असफलता को उजागर करती है। किसानों को उनके ही हक के धान बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
मरकाम ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब किसानों को समय पर टोकन, पारदर्शी व्यवस्था और खरीदी केंद्रों में सुचारू व्यवस्था दी जाती थी। परंतु वर्तमान बीजेपी सरकार ने उस व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। किसानों को समय पर टोकन नहीं मिलने से न केवल धान की खरीदी में देरी हो रही है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर किसान सुबह से शाम तक खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाकर लौट रहे हैं, परन्तु टोकन नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने कहा कि पहले बीजेपी सरकार में किसान खाद, डीपी, यूरिया के लिए परेशान रहे, अब टोकन के लिए भी भटक रहे हैं। सरकार की इस लापरवाही से किसानों का भरोसा टूट रहा है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के दावे केवल कागजों पर सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है।
कृष्ण कुमार मरकाम ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार हमेशा से किसान और मजदूर विरोधी रही है। उनके कल्याण के नाम पर सिर्फ घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन वास्तविकता में उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। कांग्रेस पार्टी किसानों की इस पीड़ा को लेकर सड़कों से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाएगी।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि धान खरीदी के टोकन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए, सभी किसानों को समय पर टोकन मिले और खरीदी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि किसानों को और अधिक परेशानी न उठानी पड़े।
