धमतरी/राजनीति में अगर सेवा भाव और समर्पण सबसे बड़ा आधार है, तो उसका बेहतरीन उदाहरण हैं अरुण कुमार सार्वा। भारतीय जनता पार्टी ने जब उन्हें ज़िला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी, तब से लेकर आज तक उन्होंने अपने काम और व्यवहार से यह साबित कर दिया है कि जनता की सेवा ही उनका पहला कर्तव्य है। लगभग पाँच महीने का कार्यकाल पूरा कर चुके अरुण कुमार सार्वा हर दिन अपने कर्तव्य और निष्ठा से नई मिसाल गढ़ रहे हैं।
इंडियन जागरण टीम ने जिला पंचायत अध्यक्ष से मिलिए….जानिए अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि कार्यक्रम के तहत की खास मुलाकात

सामान्य किसान परिवार से राजनीति तक का सफर
अरुण कुमार सार्वा का जन्म ग्राम नगरी क्षेत्र के बुरसी डोंगरी में हुआ। उनका परिवार पूरी तरह से सामान्य किसान परिवार रहा है। बचपन से ही उन्होंने खेती-किसानी की बारीकियाँ देखीं और सीखी। यही कारण है कि वे किसानों की समस्याओं को बहुत करीब से समझते हैं। उनके पिता राम भुवन सार्वा भारतीय जनसंघ के सेवक रहे, जिन्होंने अपने बेटे के जीवन में सेवा और संगठन की गहरी छाप छोड़ी। पढ़ाई पूरी करने के बाद लगभग 20 साल कृषि कार्य में सक्रिय रहने वाले अरुण कुमार सर्वा ने अपने व्यवहार, मेहनत और ईमानदारी से क्षेत्र में पहचान बनाई और फिर राजनीति की मुख्यधारा में आकर सेवा के नए आयाम स्थापित किए।
जनता के बीच हमेशा रहते हैं मौजूद
वे खुद कहते हैं कि “नेता वही जो जनता के बीच रहे।” यही कारण है कि वे आज भी लोगों के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक लोग उनके घर पर मिलने आते हैं, समस्याएँ बताते हैं और समाधान भी पाते हैं। इसके अलावा वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करते हैं और ज़िला पंचायत कार्यालय में समय देकर जनता से सीधे संवाद करते हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने सौंपी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और जनता में उनकी लोकप्रियता, ईमानदारी और सेवा भाव को देखते हुए उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। इस जिम्मेदारी को उन्होंने चुनौती के बजाय अवसर के रूप में स्वीकार किया और कम समय में ही अपने कार्यों और योजनाओं से जनता का विश्वास और अधिक मजबूत कर लिया है।
“मेरी प्राथमिकता – गाँव, किसान और युवा”
इंडियन जागरण टीम से खास बातचीत में उन्होंने कहा—
👉 “मेरी प्राथमिकता हमेशा गाँव और किसान रहेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के क्षेत्र में ठोस कदम उठाना ही मेरा लक्ष्य है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाना मेरी जिम्मेदारी है और मैं पूरी निष्ठा से इस पर काम कर रहा हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि पंचायत स्तर पर सबसे बड़ी ताकत पारदर्शिता और जनता का विश्वास है। इसी आधार पर वे काम कर रहे हैं।
जनता की सेवा ही असली राजनीति
अरुण कुमार सार्वा राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम मानते हैं। वे कहते हैं कि आलोचना और विपक्ष लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन जब इरादा साफ और नीयत सच्ची हो तो आलोचना भी ताकत बन जाती है। आने वाले वर्षों में वे धमतरी जिले को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं।

अरुण कुमार सार्वा का व्यक्तित्व इस बात का प्रतीक है कि सच्चे सेवाभाव, ईमानदारी और जनता से जुड़ाव के दम पर कोई भी व्यक्ति राजनीति में ऊँचाइयों को छू सकता है। सामान्य किसान परिवार से निकलकर आज वे जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सोच और व्यवहार आज भी जनता के बीच रहने वाले सेवक की ही है। यही वजह है कि वे आज क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद जनप्रतिनिधियों में गिने जाते हैं।


